भारत में अपनी खुद की जमीन, प्लॉट या घर होना हर किसी का एक बड़ा सपना होता है। लोग पाई-पाई जोड़कर जमीन खरीदते हैं ताकि भविष्य सुरक्षित रहे। लेकिन अक्सर जमीन खरीदने के बाद धोखाधड़ी या विवाद के मामले सामने आते रहते हैं। कई बार एक ही जमीन दो लोगों को बेच दी जाती है या फर्जी नाम से रजिस्ट्री करा ली जाती है।
इन्हीं फर्जीवाड़ों, जमीन विवादों और बेनामी संपत्तियों पर लगाम कसने के लिए सरकार ने जमीन रजिस्ट्री के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अगर आप भी कोई प्रॉपर्टी खरीदने या बेचने की तैयारी कर रहे हैं, तो नए नियमों को बारीकी से समझ लें, वरना रजिस्ट्री ऑफिस से आपको खाली हाथ लौटना पड़ सकता है।
जमीन रजिस्ट्री में अब पैन कार्ड (PAN Card) हुआ अनिवार्य
सरकार ने अब स्पष्ट कर दिया है कि जमीन की खरीद-बिक्री में पैन कार्ड का होना एकदम अनिवार्य है। खरीदार और बेचने वाले, दोनों पक्षों को अपना पैन कार्ड देना ही होगा। पहले कई लोग बिना पैन कार्ड के भी जुगाड़ से काम चला लेते थे, लेकिन अब ऐसा बिल्कुल नहीं होगा।
आखिर सरकार ने यह फैसला क्यों लिया? इसका सीधा सा मकसद है प्रॉपर्टी बाजार में काले धन (Black Money) के इस्तेमाल को रोकना। पैन कार्ड लिंक होने से इनकम टैक्स विभाग के पास हर बड़े ट्रांजैक्शन का पूरा रिकॉर्ड रहेगा। कोई भी व्यक्ति अब फर्जी नाम से या सिर्फ कैश में बड़ी हेराफेरी करके जमीन नहीं खरीद पाएगा। पूरी खरीद-बिक्री का एक पक्का डिजिटल रिकॉर्ड सरकार के पास सुरक्षित रहेगा।
2025-2026 के नए नियमों के तहत और क्या-क्या बदला?
सिर्फ पैन कार्ड ही नहीं, रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने कई राज्यों में कुछ और भी लेटेस्ट और सख्त नियम लागू किए हैं:
- आधार और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन: अब सिर्फ आधार कार्ड की फोटोकॉपी देने से काम नहीं चलेगा। रजिस्ट्री ऑफिस में खरीदार, बेचने वाले और यहां तक कि गवाहों (Witnesses) का भी मौके पर ही बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट) वेरिफिकेशन किया जा रहा है। इससे भविष्य में कोई भी गवाह या जमीन बेचने वाला अपनी बात से मुकर नहीं सकेगा।
- ऑनलाइन पेमेंट पर जोर: स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस अब लाखों रुपये कैश में नहीं ली जा रही है। आपको UPI, नेट बैंकिंग या डेबिट/क्रेडिट कार्ड के जरिए ही सरकारी खाते में पेमेंट करना होगा।
- वीडियो रिकॉर्डिंग: फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म करने के लिए अब रजिस्ट्री के समय पूरे प्रोसेस की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है और सारे कागज ऑनलाइन सरकारी पोर्टल पर अपलोड हो रहे हैं।
रजिस्ट्री ऑफिस जाने से पहले तैयार रखें ये जरूरी कागजात
अगर आप जमीन की रजिस्ट्री करवाने जा रहे हैं, तो अपनी फाइल में ये डॉक्युमेंट्स जरूर चेक कर लें:
- दोनों पक्षों का आधार कार्ड (जो मोबाइल नंबर से लिंक हो)
- पैन कार्ड (PAN Card)
- कोई एक और फोटो पहचान पत्र (वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस आदि)
- पासपोर्ट साइज की नई फोटो
- जमीन के पूरे पुराने कागजात (खतौनी, नक्शा, पुरानी रजिस्ट्री की कॉपी या अद्यतन रसीद)
- बिक्री अनुबंध (Sale Deed / सेल डीड)
ग्रामीण इलाकों के लोगों पर क्या पड़ेगा असर?
शहरों में तो ज्यादातर लोगों के पास पैन कार्ड होता है, लेकिन गांवों में कई किसानों और मजदूरों के पास आज भी पैन कार्ड नहीं है। नए नियम के बाद ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए यह एक बहुत बड़ी जरूरत बन गया है। अगर कोई ग्रामीण अपनी जमीन बेचना या नई जमीन खरीदना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपना पैन कार्ड बनवाना ही पड़ेगा। इसके बिना तहसील या निबंधन कार्यालय में फाइल आगे ही नहीं बढ़ेगी।
जमीन खरीदने से पहले ये सावधानी जरूर बरतें
लाखों की जीवन भर की कमाई किसी भी जमीन में लगाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है। जो जमीन आप ले रहे हैं, उसके पुराने कागजात (खतियान) अच्छे से चेक करें। यह पता लगाएं कि वह जमीन पुश्तैनी है या पहले किसी और से खरीदी गई थी।
अगर वह खरीदी हुई जमीन है, तो पुरानी रजिस्ट्री के कागज जरूर मांगें। आप चाहें तो अंचलाधिकारी (CO) कार्यालय या तहसील में जाकर भी जमीन का असली रिकॉर्ड चेक करवा सकते हैं। जब पूरी तसल्ली हो जाए और सारे डॉक्युमेंट्स सही मिलें, तभी प्रॉपर्टी में अपना पैसा लगाएं।